
चंबा। वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने शनिवार को जिला मुख्यालय के साथ लगते सरोल में पांच लाख रुपये की लागत से बने बंदर नसबंदी केंद्र का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों को बंदरों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने प्रदेश में चार नसबंदी केंद्र खोले हैं। इसमें एक कांगड़ा के गोपालपुर, हमीरपुर के सस्तर, ऊ ना के बौल और शिमला के टुटीकंडी में हैं। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के सुुंदरनगर और सिरमौर के पांवटा साहिब में नसबंदी केंद्र बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चंबा जिले में पांच हजार के करीब बंदरों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले जिला के विभिन्न क्षेत्रों से पकड़े गए चार हजार 54 बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है। हाल ही में की गई गणना के अनुसार जिला में 24 हजार 821 बंदर पाए गए हैं। बंदरों को पकड़ने के लिए रेंज स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। उन्हाेंने कहा कि बंदर पकड़ने के लिए 500 रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में अब तक 68 हजार बंदरों की नसबंदी की जा चुकी है। पूरे प्रदेश में दो लाख 36 हजार के करीब बंदर गणना में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिला चंबा में जाजुराना और मोनाल पक्षियों के प्रजनन केंद्र खोलने की कार्य योजना बनाई जाएगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र भारद्वाज, प्रदेश सचिव पवन नैय्यर, संसार चंद महाजन, वन विभाग के मुख्य अरण्यपाल एआरएम रेड्डी और वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ राकेश कुमार मौजूद रहे।
